कभी कह नही पाया पर बहन, तू मुझे जान से प्यारी है......

Author: दिलीप /




कभी कोई आया था ज़िंदगी मे...
तो चिढन सी थी की मेरे हिस्से का प्यार कम हो गया....
माँ की गोद मुझसे छिन किसी और को मिल गयी....
पिताजी की नज़रो मे कोई और चेहरा चढ़ गया....
नाराज़ था मैं उससे क्यूँ आई वो...
छिन गया था मुझसे मेरा संसार....
मौका मिलते ही उसे परेशान करता था
खींचता था उसके बाल....
पर कभी उसकी प्यारी सूरत देखकर प्यार आ जाता था
तो मुँह सड़ाकर चला जाता था....
अपने कमरे से छिप्कर उसे मुँह चिढ़ाता था....
पर वो सच मे बहुत प्यारी थी...
इसीलिए सबकी दुलारी थी....
उसकी आँखें मुझे देख कर खिल उठती थी....
टुक टुक कर मुझे ही देखती रहती थी....
शायद वो मुझसे कुछ कहना चाहती थी....
मेरी भी गोद मे आकर रहना चाहती थी....
फिर मेरे भी हाथ उसे गोद मे लेने को मचलने लगे....
थोड़ा थोड़ा उसकी बातें समझने लगे....
मेरे मन का युद्ध समाप्त हुआ....
जब उसने अपनी छोटी सी उंगलियो से मुझे छुआ....
अब मैं अपने खिलौने उसके साथ खेलने लगा....
उसकी गुड़िया के हाथ और आँखें तोड़ने लगा...
टूटी चूड़ियाँ फटे हुए काग़ज़ जो भी थे....
मेरे बचपन के सारे ख़ज़ाने अब उसके भी थे....
अब वो धीरे धीरे मेरी उंगली पकड़ कर चलने लगी....
मेरे हान्थो से चॉक्लेट टॉफियाँ छीनने लगी....
फिर एक दौर आया जब हम बिछड़े....
उसकी एहमियत अब ज़्यादा समझ मे आने लगी....
सोते मे उसकी याद तकिया भिगाने लगी......
फिर दुबारा मिले लड़े झगड़े साथ रहे....
ज़िंदगी के सबसे प्यारे लम्हे बिताए....
साथ रोए, साथ खाए....
आज मैं यहा हूँ दूर उससे....
आँखों मे उसका चेहरा अब भी सताता है....
दिल रह रह कर उसी के पास चला जाता है....
पहले उसके हर जन्मदिन पर साथ थे....
अब वो हर साल मेरे बिना बड़ी होती है....
दिल मे इक टीस सी होती है....
एक दिन वो कहीं और चली जाएगी....
लगता है भाग दौड़ मे कट वो भी घड़ी जाएगी....
और मैं फिर यही आ जाऊँगा....
अपनी ज़िंदगी मे खो जाऊँगा....
वो पल जो उसके साथ थे....वो भी सताएँगे....
और पल जो उसके बिना कटे वो भी रुलाएँगे....
कभी कह नही पाया पर मैं उससे बहुत प्यार करता हूँ....
हमेशा उससे मिलने की घड़ी का इंतज़ार करता हूँ....
वो तब भी मेरे लिए गुड़िया थी....
अब भी मेरी दुलारी है....
कभी कह नही पाया पर बहन....
पर तू मुझे जान से प्यारी है......

50 टिप्पणियाँ:

Sonal Rastogi ने कहा…

ऐसा ही होता है ..बरसो बाद मेरे भाई ने जब कहा इस बार राखी पर आजाओ , तुम्हारे बिना अच्छा नहीं लगता .. तबसे आँखों की कोरें गीली सी रहती है ..
अगर नहीं कहा तो कह दो बहन यही सुनना चाहती होगी

kshama ने कहा…

Padhte,padhte ankhen nam ho gayin..

सुमित प्रताप सिंह ने कहा…

आपकी यह रचना मजेदार है.
अब अगली का इंतज़ार है...

सूर्यकान्त गुप्ता ने कहा…

जिन्दगी को माने एक बगिया जिसमे एहसास के लमहो से सजी क्यारी है बहना हमारी भूत भविष्य वर्तमान तीनो मे बहुत प्यारी है। बहुत सुन्दर रचना दिलीप भाई। आजकल अब दूर रहने वाली कोई बात ही नही रह गई है। अन्तरजाल की दुनिया न्यारी है सबको पास बना देती है।

अजय कुमार झा ने कहा…

दिलीप भाई ,
क्या कहूं ...बरसों पहले ही अपनी दीदी को अचानक ही खो बैठा । सबने कहा कि अच्छे लोगों की जरूरत भगवान को ज्यादा होती है ...मां पिछले बरस चल बसीं सबने कहा भगवान को अच्छे लोगों की ज्यादा जरूरत होती है ....मगर दिल जानता है कि जरूरत उन्हें ज्यादा होती है .जिनके पास वो नहीं होते ......आपने रुला दिया ...।

hem pandey ने कहा…

भाई बहन का प्यार होता ही ऐसा है.

abhi ने कहा…

दिलीप भाई, बहनों के बारें में कुछ भी पढता हूँ तो दिल भर आता है...मेरी बहने ही मेरे लिए मेरी दुनिया हैं....
बहुत बहुत अच्छी है ये कविता

roohshine ने कहा…

आँखें नम हैं..बहुत हृदयस्पर्शी प्रस्तुति...

असीम ने कहा…

बहुत सुन्दर, हृदयस्पर्शी कविता
बधाई

swaarth ने कहा…

दिलीप जी,
संवेदनशील प्रस्तुती!

kunwarji's ने कहा…

athaah prem bahan ke liye....
bhavnaao ko sahi shabd mile hai

kunwar ji,

मो सम कौन ? ने कहा…

’कभी कोई आया था ज़िंदगी मे...
तो चिढन सी थी की मेरे हिस्से का प्यार कम हो गया..."

अब लगता होगा कि एक प्यार करने वाला आत्मीय और बढ़ गया था।
और दिलीप, कह देना ही सब कुछ नहीं है न?
बहुत सुन्दर कविता,

राम त्यागी ने कहा…

बहुत भावपूर्ण लिखा है भाई ....

anupama's sukrity ! ने कहा…

बहुत सुंदर भावना और स्पष्ट प्रदर्शन .
बधाई .

दीपक 'मशाल' ने कहा…

भाई-बहिन का ये प्यार है ही ऐसा दोस्त.. फिर बढ़िया काम..

आचार्य जी ने कहा…

बहुत सुन्दर भाव।

M VERMA ने कहा…

बहुत हृदयस्पर्शी और भावपूर्ण रचना

'उदय' ने कहा…

....बेहतरीन,बधाई!!!

Udan Tashtari ने कहा…

बहुत बढ़िया...भावना प्रधान रचना!

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

बहुत सहजता से भावोंको पिरोया है...सुन्दर अभिव्यक्ति

दिगम्बर नासवा ने कहा…

ह्रदय स्पर्शी ... बहनें तो ऐसी ही होती हैं ... बहुत अच्छी रक्न्हा .. जैसे बचपन दोहरा रहे हों ...

शिवम् मिश्रा ने कहा…

बहुत सुन्दर कविता,बहनें तो ऐसी ही होती हैं|बधाई!

*KHUSHI* ने कहा…

bahut khub likha hain, aapke blog par pahlibaar aana huaa aur rula diya aapne..

स्वप्निल कुमार 'आतिश' ने कहा…

behan ke liye bahut dher sara pyar dikha is nazm me ...bahut badhiya rachna bhai ..

वन्दना ने कहा…

बहुत ही भावभीनी दिल को छू लेने वाली रचना……………ये रिश्ता ऐसा ही होता है…………एक अनमोल रिश्ता।

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ ने कहा…

आपके भाव मन को झंकृत कर गये...
--------
भविष्य बताने वाली घोड़ी।
खेतों में लहराएँगी ब्लॉग की फसलें।

rashmi ravija ने कहा…

पहले उसके हर जन्मदिन पर साथ थे....
अब वो हर साल मेरे बिना बड़ी होती है....
बहुत कम भाई होते हैं ,जो अपनी भावनाओं को इतने अच्छे से शब्दों में बाँध पाते हैं...एक और सुन्दर नज़्म

Pratibha ने कहा…

Dilip ji, aapki kavita read karke mujhey merey bhai ki yaad aa gayi jo abhi 20 din pehley is sansar se chala gaya , vo bhi bilkul aisa hi tha, mujhey chhota tha par bikul aisa hi tha, mujhey laga ki aapki kavita ke madyam se vo hi mujh sey yah kah reha hai, aapki kavita pardtey pardtey aankho se aansu nikal aayey , mujh se yah kahney wala na janey kis desh chala gaya

Maria Mcclain ने कहा…

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pallavi trivedi ने कहा…

ये कविता एक तोहफे जैसी है आपकी बहन के लिए.....

mridula pradhan ने कहा…

bhwnaon ki sundar prastuti.

madhu ने कहा…

madhu,mujhe apane bhai ki bhut yaad ai ,rone kodil hua per rone ke liye bhi samay nahi hai,sach me jindagi ke dour ne hame apno se kitana alag ker diya hai.

dr pushpa srivastava ने कहा…

dil ko choo liya apne

"पलाश" ने कहा…

सच भाई बहन का रिश्ता बहुत प्यारा होता है , आज जब मै अपने भाई से दूर हूँ तब मुझे उसकी हर शैतानी , लडाई याद आती है , काश वो समय फिर से वापस आ जाय ।

banwari ने कहा…

sach bahn ka dusra roop pyar hi h,
kuchh mango bahan se to mana nahi krti h wo,
kuchh dena chaho to dene mana nahi karta h dil,
iski bhandhi hui rakhi(dore)me Bhai ko Burai se bhachaane ki takat hoti h,
ishwar har us bhai ko 1 bahan de.... jiski khawaish ho bahn paane ki,

kailash ने कहा…

Bhagwan Mujhse Bhi Jyada Khush Rakhe Meri Bahan Ko......Har Janm Me Bahan Milna Muskil H.Mai Hamesha Bahan Ke Kush Rahne Ki Kamna Karta hu.
Bhai -Bahan ka Aisa Koi Kissa Ho to Bheje jo Dil me utar jaye.
yashswi.0500@yahoo.in

बेनामी ने कहा…

sabse achi and behtrin kavita likhi hei tumane thanks dilip dada

Anisha Sharma ने कहा…

lekin mera bhai mujhe pyar nahi karta

नवनीत सिंघल ने कहा…

रुला दिया ....

SHABBO KHAN ने कहा…

bahut achi hai aapki kavita dil ko chune vaali

Rajesh Balan ने कहा…

Miss You Sister....

Yudhisthar raj ने कहा…

वो तब भी मेरे लिए गुड़िया थी....
अब भी मेरी दुलारी है....
कभी कह नही पाया पर बहन....
पर तू मुझे जान से प्यारी है......

दिल को छु गई.. वाह

Unknown ने कहा…

में भी एक बदनसीब व्यक्ति हूँ जो की मेरे को भी बहन का प्यार नसीब नहीं हुआ

deshbhakt singh ने कहा…

में भी एक बदनसीब व्यक्ति हूँ जो की मेरे को भी बहन का प्यार नसीब नहीं हुआ

Nagendra Sharma ने कहा…

आँखें नम कर गयी

Ashish Trivedi ने कहा…

किसी को कुछ मिला तो किसी को बहुत कुछ मिला.मैं सब से छोटा था इसलिए मुझे दीदी का प्यार मिला।

Deepak Singh ने कहा…

बहुत खूब

बेनामी ने कहा…

दिल गदगद हो गया।

santosh bouddha ने कहा…
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Unknown ने कहा…

सारी यादों को फिरसे ताजा करदी कई दिनों से सूखी आंखों को गीली कर दी

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